Thursday, 4 October 2018

ब्रह्माकुमारीज जिरी नेपाल BRAHMAKUMARIS JIRI NEPAL BK BHAGWANBHAI MOUNT ABU
























जिरी ( नेपाल )स्थानीय ब्रह्माकुंमारी राजयोग सेवाकेंद्र पर तनाव मुक्त सकारात्मक जीवन शैली विषय पर  कार्यक्रम   
आयोजक स्थानीय ब्रह्माकुमारी  सेवाकेंद्र जिरी ( नेपाल )
मुख्य वक्ता ---ब्रह्मकुमार भगवान् भाई माउंट आबू
विषय –- तनाव मुक्त सकारात्मक जीवन शैली
नगरपालिका प्रमुख ---टंक बहादुर    
उप मेयर ---कृष्णा खड़का
व्यापारी संघ के अध्यक्ष –गोलू थोपी
समाजसेवी ---पानी थिरु
बी के संतोष बहन स्थानीय सेवाकेंद्र जिरी प्रभारी
बी के सीता बहन मंथली सेवाकेंद्र प्रभारी
बी के दीपक भाई जिरी सेवाकेंद्र नेपाल   
बी के रामकृष्ण भाई काठमांडू 
सभी शिक्षक स्टाफ भी उपस्थित थे
कार्यक्रम के अंत में मेडिटेशन कराया
इस अवसर पर बी के भगवान् भाई ने कहा कि  जीवन में दो प्रकार के चिंतन होते हैं जिनमें सकारात्मक और नकारात्मक चिंतन शामिल हैं। इनमें से मनुष्य को केवल सकारात्मक चिंतन करने की आवश्यकता होती है तथा इसी से मनुष्य खुशहाल जीवन जी सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे विचार शुद्ध, स्पष्ट, आशावादी और परोपकारी होने चाहिए तथा यही जीवन का मूलमंत्र है। इस अवसर पर बहन नवीना ने राजयोग के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि राजयोग का मतलब शारीरिक तथा मानसिक रूप से स्वस्थ रहना है। उन्होंने कहा कि जीवन का लक्ष्य आत्मा को परमपिता परमात्मा से जोडऩा है। लेकिन आज हमारे अंदर शांति, सहनशीलता तथा भाईचारे की भावना बिल्कुल नहीं है। आज हम खुशी को घर से बाहर ढूंढने का प्रयास करते हैं जो सही नहीं है। इसलिए हमें सबसे पहले अपने अंदर झांककर अपने आप को जानना चाहिए।
भगवान् भाई ने कहा कि  तनाव से मुक्त जीवन एक कल्पना मात्र है, फिर भी एक प्रभावशाली व्यक्तित्व के लिए बहुत कुछ हद तक इसका होना अत्यन्त आवश्यक है। जब तनाव एक सीमा पार कर जाता है, तब हमारा मानसिक सन्तुलन बिगड़ सकता है और इसका असर शरीर पर भी पड़ता है। मनोचिकित्सकों के अनुसार, कई प्रकार के मनोरोग जैसे-चिन्ता, डिप्रेशन, हिस्टीरिया, पैनिक, डिसऑर्डर आदि के पीछे मुख्य कारण मानसिक तनाव है।

नगरपालिका प्रमुख ---टंक बहादुर    जी ने बताया कि निरन्तर तनावग्रस्त बने रहना जीवन में हानिकारक है। चूँकि जीवन-उद्देश्य आपके सामने है, तनावग्रस्त से दूर रहना ही आपके लिए श्रेष्ठतर होगा। अतः आप तनाव के बहुत से कारकों से बचें, जो आप आसानी से कर सकते हैं और साथ में ये भी।
बी के सीता बहन जी ने भी उद्बोधन दिया
बी के संतोष  बहन जी ने ब्रह्माकुमारी सस्था का परिचय दिया
बी के दीपक भाई  जी ने आभार व्यक्त किया


No comments:

Post a Comment